अनौखे तरीके से हुआ जालौन के कोंच में रावण/मेघनाद का वध
पूरे देश में दशहरा का पर्व आज शनिवार को बड़े धूमधाम से मनाया गया। यहाँ लेकिन बुन्देलखंड के जालौन जिले के कोंच नगर में दशहरा आज अलग परम्परा के साथ मनाया गया। यहाँ पर राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ का युद्ध अलग ही तरीके से होता है। यहाँ पर रावण मेघनाथ के 40 फिट ऊचे पुतलों का युद्ध राम और लक्ष्मण के साथ सजीव होता है और अंत में बुराई के प्रतीक के रूप में रावण और मेघनाथ का संहार राम-लक्ष्मण द्वारा किया गया। यह युद्ध कोंच के ऐतिहासिक मैदान धनु तालाब के मैदान पर होता है| इस युद्ध को देखने के लिये 50 हजार से अधिक की भीड जुटती है।
वैसे पूरे देश में राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाथ के पुतलों को एक वटन दबाकर जला दिया जाता है लेकिन कोंच नगर में ऐसा देखने को नहीं मिलता है। यहाँ पर 172 वर्षों से चली आ रही परम्परा को कोंच के लोग अभी भी निर्वाहन कर रहे है। यहाँ पर राम-रावण और लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध परम्परागत तरीके से होता है। यहाँ पर राम और रावण का युद्ध सजीव होता है जिससे देखने के लिये दूर दराज के क्षेत्रों से लोग आते है। यहाँ रावण और मेघनाद के 40 फिट से ऊंचे पुतलो को बड़े-बड़े पहियों वाले रथ में बांधा जाता है और इन पुतलों को पूरे मैदान में दौड़ाया जाता है| जिनसे युद्ध स्वयं भगवान राम और उनके अनुज भ्राता लक्ष्मण करते है। इस युद्ध में कई बार मेघनाथ और रावण के पुतले कई बार जमीन में गिरते है जिसे देख वहाँ पर मौजूद लोग बहुत प्रसन्न होते है। इस युद्ध में बिलकुल वैसा ही होता है जैसा रामानन्द सागर की रामायण में दर्शाया गया है। इस युद्ध में लक्ष्मण को शक्ति भी लगती है और हनुमान संजीवनी बूटी भी लाते है। जब राम और रावण का युद्ध होता है तो इन पुतलो को रस्सियों की सहायता से पूरे मैदान में दौडाया जाता है। इस परम्परा के दौरान ये पुतले कई बार नीचे जमीन में गिरते है जिन्हें लोग पुनः खडा करके मैदान में दौडाते है। रावण और मेघनाद के पुतलो को रथो में रखकर दौडाने के पीछे लोगो का तर्क है कि बुराई चाहे जितना भी भागे उसका अंत निश्चित ही होता है | इस तरह का रावण वध विगत 172 वर्षो से चला आ रहा है। इस राम-रावण युद्ध को देखने के लिये जिलाधिकारी जालौर राजेश कुमार पांडे, पुलिस अधीक्षक जालौन डॉक्टर दुर्गेश कुमार , सीओ अर्चना सिंह एसडीएम ज्योति सिंह, प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार राय भाजपा से माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र सिंह निरंजन नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता से लेकर कई राजनैतिक हस्तियाँ भी मौजूद रही। वही स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा युद्ध उन्होने कही नहीं देखा यह पूरे देश में अनौखा राम-रावण और लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध है।
