भवनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों की मांगें तेज, प्रभारी तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन
जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र में आगामी भवनगणना एवं जनगणना कार्य को लेकर परिषदीय शिक्षकों में असंतोष देखने को मिल रहा है। भारत सरकार के निर्देश पर शुरू होने वाले इस महत्वपूर्ण कार्य के तहत विकासखंड नदीगांव के शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के बाद उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर शुक्रवार दोपहर प्रभारी तहसीलदार कोंच वैभव गुप्ता को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में शिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में मकानगणना का कार्य ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कराया जा रहा है, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पूर्व शासनादेशों का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी से ग्रीष्म अवकाश में सरकारी कार्य लिया जाता है, तो उसे इसके बदले अर्जित अवकाश प्रदान किया जाना चाहिए। शिक्षकों ने मांग की कि इस नियम का पालन करते हुए सभी संबंधित शिक्षकों को अवकाश का लाभ दिया जाए।
इसके साथ ही शिक्षकों ने संवेदनशील मामलों को ध्यान में रखते हुए गर्भवती महिला शिक्षिकाओं, दिव्यांग शिक्षकों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कर्मचारियों को इस कार्य से मुक्त रखने की मांग उठाई। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
ज्ञापन में ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। शिक्षकों का आरोप है कि ग्रेड पे और वरिष्ठता जैसे महत्वपूर्ण मानकों की अनदेखी की गई है, जिससे सेवा क्रम प्रभावित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि ड्यूटी लगाने में पारदर्शिता बरती जाए और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा शिक्षकों ने सुझाव दिया कि भवनगणना कार्य में लगाए गए प्रगणकों की तैनाती उनके कार्यरत विद्यालयों के आसपास ही की जाए, ताकि वे अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ इस अतिरिक्त कार्य को भी सुचारू रूप से निभा सकें। अब इन मांगों पर प्रशासन क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस दौरान शिक्षक केशव द्विवेदी, हरपाल यादव, शैलेन्द्र मिश्रा, रंजन गोस्वामी, देवेश पटेल सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।