जालौन में नहर सफाई के नाम पर घोटाले के आरोप, किसानों की फसलें बर्बाद
जालौन। उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद जालौन जिले में नहर विभाग पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में जहां नहरें किसानों के लिए जीवनरेखा मानी जाती हैं, वहीं जालौन में इनकी बदहाल स्थिति किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।
बताया जा रहा है कि सिंचाई विभाग के बेतवा प्रखंड द्वितीय में तैनात अधिशासी अभियंता चंद्रपाल सिंह और विभागीय कर्मचारी जय बिहारी लाल सक्सेना पर नहर सफाई के नाम पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और बजट जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर सफाई कार्य नहीं हुआ।
माधोगढ़, नदीगांव और सिरसाकलार क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में मीडिया टीम द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण में नहरों की हालत खराब पाई गई। किसानों का कहना है कि नहरों में गंदगी और अवरोध के कारण पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में भर जाता है, जिससे सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है।
स्थानीय किसान बताते हैं कि उन्होंने कई बार विभाग से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि कई बार नहरों की सफाई करने के बजाय पानी की आपूर्ति ही बंद कर दी जाती है।
वहीं समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने मामले की जांच की मांग उठाई है। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की है कि संबंधित कार्यों और फर्मों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने पर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
मीडिया पड़ताल में यह भी सामने आया है कि कई जगहों पर कागजों में सफाई दिखाकर भुगतान ले लिया गया, जबकि जमीन पर काम नजर नहीं आता। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकारी धन का उपयोग कहां हुआ।
फिलहाल, स्थानीय लोग और किसान प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि इस मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही और अनियमितताओं पर रोक लग सके।
बाइट :० राजवीर सिंह जादौन, किसान नेता
बाइट :० दीपराज सिंह गुर्जर सपा जिलाध्यक्ष, जालौन
बाइट :० स्थानीय ग्रामीणों की