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27922धान की फसलो को कीट रोग नियन्त्रण से बचाये कृषक

ByNeeraj sahu

Oct 28, 2024

धान की फसलो को कीट रोग नियन्त्रण से बचाये कृषक

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने सूचित है कि धान मे गन्धीबग कीट के नियंत्रण हेतु मैलाथियान या फैनबैलरेट घूल को 20-25किग्रा0/है0 की दर से सुबह या शाम को बुरकाव करें। सुबह या शाम की बंूदो के साथ रसायन आसानी से चिपक जाता है। धान मे कण्डुवा रोग (फाल्स स्मट) के नियंत्रण हेतु कॉपर हाइड्रॉक्साइड 77 प्रतिशत डब्ल्यू0 पी0 की 2 किग्रा0 मात्रा/हैक्टेयर 750 ली0 पानी मे घोलकर छिडकाव करें। कृषक बन्धुओ से अनुरोध है कि खेत की मेडो को खरपतवार से मुक्त रखे एंव मेडो पर या उसके आस पास के खेतो मे फूल वाली फसल उगाये जिससे मित्र कीट का संरक्षण हो सके । तथा शत्रु कीट को नियंत्रित किया जा सके। कृषक फसल सुरक्षा से सम्बन्घित समस्या के निदान हेतु फसल पर रोग/कीट/खरपतवार के नियंत्रण हेतु व्हाट्सएप्प नं0-9452247111 अथ्वा 9552257111 पर जानकारी निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। दुकानदारों को भी सचेत करते हुए निर्देश दिया जाता है कि कृषक भाईयों/बहनों को उचित मूल्य पर और अच्छे ब्राण्ड की दवा उपलब्ध करायें तथा रसीद अवश्य दें अन्यथा की स्थिति में आप पर कीटनाशी अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
वर्तमान समय मे जनपद मे स्थित कृषि रक्षा इकाईयों पर निम्नलिखित दवाई उपलब्ध हो गई है जिनको कृषक भाई अनुदान पर प्राप्त कर फसलों को कीटों व रोगों से बचा सकते है।
1-इमेजाथापर- मटर उर्द मूॅग मूॅगफली के खरपतवार के नियंत्रण हेतु।
2-फैनवेलरेट- फसलों पर चूसक कीट जैसे माहूॅ जैसिड थ्रिप्स एवं धान को गन्धी से बचाव हेतु।
3-कारटॉप हाइड्रोक्लोराइड-भूमि मे उपस्थित कीटो जैसे निमेटोड से बचाव हेतु ।
4-सल्फोसल्फयूरॉन- गेहॅू की फसल मे खरपतवार नियंत्रण हेतु।
5-मैंकोजेब- फसलो को रोगो से बचाव हेतु ।
6- कार्बेन्डाजिम-बीजशोधन हेतु।
उपरोक्त दवाईयां कृषि रक्षा इकाईयो पर पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध है। अतः किसान भाईयों से अनुरोध किया है कि उपर्युक्त दवाईयों को अनुदान पर कृषि रक्षा इकाईयो से प्राप्त कर फसलो की सुरक्षा करे।

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