* जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नगरीय निकाय निर्वाचन हेतु मतदान केंद्रों/मतदान स्थलों का सुव्यवस्थितकरण किए जाने के संबंधित बैठक का आयोजन
** शुद्ध,सुचिता और पारदर्शी निर्वाचन के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना पहली प्राथमिकता :- जिला निर्वाचन अधिकारी
** बीएलओ का चयन संवेदनशील और सावधानीपूर्वक किए जाने के निर्देश, विवादित व्यक्तियों को बीएलओ ना बनाए जाने के निर्देश
** मतदान केंद्र एवं मतदेय स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं का सत्यापन किए जाने के निर्देश
आज जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन हेतु मतदान केन्द्रों/मतदान स्थलों का सुव्यवस्थीकरण किये जाने के संबंध में विकास भवन सभागार में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतों को पूर्व में बने मतदान केन्द्रों/मतदान स्थलों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट की स्वयं जाँच कर लें ताकि उसमें कोई मौहल्ला, गली, नई बस्ती के मतदाता छूटे तो नहीं है।
उन्होंने नगर निगम और समस्त नगर निकायों में बीएलओ की नियुक्ति करने के निर्देश देते हुए कहा कि शुद्ध और शुचिता पूर्ण मतदान के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना अनिवार्य है। अतः बीएलओ के चयन में संवेदनशीलता और सावधानी अवश्य बरते ताकि किसी भी विवादित व्यक्ति का बीएलओ में चयन ना हो सके। उन्होंने बीएलओ को डोर टू डोर भ्रमण करते हुए मतदाता सूची को शुद्ध बनाए जाने के लिए निर्देशित किया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नये मतदान केन्द्रों/मतदान स्थलों को स्थापित करने हेतु उन स्थानों को सामान्यतः सम्मिलित किया जाए जहाँ विधानसमा/लोकसभा के निर्वाचन में मतदान सम्पन्न कराया गया है। विगत नगरीय निकाय के सामान्य निर्वाचन में जो मतदान केन्द्र निर्धारित किए गए थे, उन्हें सामान्यतः बनाए रखा जाए। यदि अपरिहार्य परिस्थिति में किसी मतदान केन्द्र को अन्यत्र स्थानान्तरित करने की आवश्यकता हो तो उसके औचित्य पर सम्यक् विचारोपरान्त (पंचायत एवं नगरीय निकाय) का पूर्वानुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त परिवर्तन किया जा सकता है। प्रत्येक वार्ड के मतदाताओं के लिए मतदान स्थल उसी वार्ड में रखा जाए। एक मतदान स्थल पर एक ही वार्ड के मतदाता रखे जाएं। किसी भी दशा में एक मतदान स्थल पर दो वार्डाे के मतदाता न रखे जाएं। इसका विशेष ध्यान रखा जाए कि एक मकान/एक ही परिवार के समस्त मतदाताओं के नाम एक ही मतदान स्थल पर रहें। मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अधिक दूर न जाना पड़े। एक वार्ड के मतदाताओं के लिए एक मतदान स्थल यथासम्भव उसी वार्ड में रखा जाए। मतदाताओं की संख्या अधिक होने पर एक वार्ड के मतदाताओं को आगे दिए गए निर्देशानुसार दो या दो से अधिक मतदान स्थलों में रखा जा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों में प्रत्येक मतदान स्थल पर अधिकतम संख्या 1200 मतदाताओं से अधिक न हो और नगर निगम क्षेत्र में 1500 मतदाताओं से अधिक ना हो। भौगोलिक संरचना के दृष्टिगत उक्त के अतिरिक्त विशेष परिस्थिति में किसी मतदान स्थल पर अधिकतम 100 मतदाताओं को सम्मिलित किया जा सकता है। मतदान स्थलों का निर्धारण करने से पूर्व दिये गये ऑकड़ों का परिशीलन किया जाना आवश्यक है। कम मतदाताओं वाले मतदान स्थलों को उसी मतदान केन्द्र पर स्थित दूसरे मतदान स्थल पर स्थानान्तरित किया जा सकता है। मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व अनावश्यक मतदान स्थलों से मतदाताओं को दूसरे मतदान स्थलों पर स्थानान्तरित कर उन्हें डेटाबेस से डिलीट कर दें तथा जहाँ आवश्यक हो वहाँ मतदान केन्द्र/मतदान स्थल बनाकर मतदाताओं को मानक के अन्तर्गत रखा जाए। प्रत्येक दशा में नियमानुसार मतदाताओं के अनुसार मतदान स्थलों का निर्धारण किया जाए। मतदान केन्द्रों/मतदान स्थलों की क्रमबद्धता जनपद पर प्रति निकायवार मैनुअल पद्धति से किया जायेगा। उक्त प्रकार से क्रमबद्धता के उपरान्त उनके क्रम डेटाबेस में अपडेट करने के उपरान्त ही मतदाता सूची का अनन्तिम एवं अन्तिम प्रकाशन किया जाएगा।
मतदान केन्द्र यथासम्भव सम्बन्धित वार्ड के अन्तर्गत ही रखा जाए। यदि किसी वार्ड में मतदान केन्द्र बनाए जाने हेतु सरकारी/अर्द्धसरकारी भवन/सरकारी अथवा सहायता प्राप्त स्कूल उपलब्ध नहीं हैं तो निकटतम वार्ड में उक्त वार्ड का मतदान केन्द्र/स्थल बनाया जा सकता है। किसी एक मतदान केन्द्र पर चार से अधिक मतदान स्थल न बनाए जाएं। यदि किसी विशेष/अपरिहार्य परिस्थिति में एक मतदान केन्द्र (पोलिंग सेन्टर पर चार से अधिक मतदान स्थल (पोलिंग स्टेशन) स्थापित किया जाना आवश्यक हो तो परामर्श कर भली भांति यह सुनिश्चित कर लें कि शान्ति व्यवस्था बनाए रखने एवं सुचारू रूप से मतदान कराए जाने में कोई कठिनाई नहीं होगी। प्रत्येक दशा में भूतल पर ही मतदान केन्द्र/स्थल स्थापित किया जाए। किसी भी भवन के प्रथम अथवा द्वितीय आदि तलों पर मतदान केन्द्र/स्थल स्थापित न किया जाए। मतदान केन्द्र/मतदान स्थल किसी धार्मिक स्थल, मकान, अस्पताल, पुलिस स्टेशन अथवा किसी विशिष्ट सम्प्रदाय से संबंधित विद्यालयों जिनमें सम्प्रदाय से संबंधित शिक्षा दी जाती हो, के भवन में कदापि न बनाए जाएं। एक ही भवन में कई मतदान स्थल बनाए जाने की दशा में भवन को पूर्वी, पश्चिमी उत्तरी, दक्षिणी अथवा भवन को कक्ष संख्या से चिह्नांकित करके मतदान स्थलों को एक दूसरे से पृथक किया जाए ताकि यह स्पष्ट रहे कि कौन सा मतदान स्थल भवन के किस भाग में है।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्बल वर्ग के मतदाताओं को निर्भय होकर मतदान करने की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए यदि निर्बल वर्ग की बस्ती में मतदान केन्द्र/स्थल बनाया जाना आवश्यक हो तो मतदान स्थल के लिए सामान्य रूप से निर्धारित संख्या से कम मतदाताओं के होते हुए भी सम्पूर्ण तथ्यों पर विचार करते हुए मतदान स्थल बनाया जाना उचित होगा। चुनावों में निःशक्तजनों की सुविधा के लिये पोलिंग स्टेशनों पर स्थाई रैम्प की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मतदान स्थल बनाने हेतु कम से कम 20 वर्ग मीटर का बड़ा कमरा होना चाहिए। जहाँ तक संभव हो उसमें दो दरवाजे हों जिसमें एक अंदर जाने तथा दूसरा बाहर निकलने के लिए प्रयोग में लाया जा सके। प्रत्येक मतदान केन्द्र/स्थल के लिए अलग-अलग क्रमांक निर्धारित किए जाएंगे।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार ने उपस्थित समस्त अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समस्त मतदान केंद्रों मतदेय स्थलों का भ्रमण करते हुए मूलभूत सुविधाओं का सत्यापन करना सुनिश्चित करें। मतदान स्थल पर शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, रैंप आदि की उपलब्धता को विशेष रूप से सत्यापित करना सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे संजय पांडेय, अपर जिलाधिकारी न्याय श्रीमती श्यामलता आनंद, नगर मजिस्ट्रेट अंकुर श्रीवास्तव सहित समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत आदि उपस्थित रहे।