*जालौन में गौशालाओं का बुरा हाल, कही कुत्ते खा रहे गौवंशों के शव तो, कहीं अव्यवस्थाओं के चलते मर रही गाय*
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Dec 31, 2021
*जालौन में गौशालाओं का बुरा हाल, कही कुत्ते खा रहे गौवंशों के शव तो, कहीं अव्यवस्थाओं के चलते मर रही गाय*
*0नदीगांव विकासखंड के गोवर्धनपुरा में गौशाला की स्थिति खराब*…..
*0 सोशल मीडिया में फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद नदीगांव विकासखंड के अधिकारी पहुंचे मौके पर*
*0 गोवंशों की मौतों को छुपाने में लगे अधिकारी*…..
योगी सरकार गाय की सुरक्षा को लेकर तमाम प्रयास कर रही है और प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार निर्देश देती हैं, साथ ही गोवंश के संरक्षण के लिए प्रत्येक ग्राम सभा में एक गौशाला निर्माण के लिए पैसों का आवंटन कर रही है, जिससे सड़क और खेतों में घूमने वाले गौवंश को आसरा मिल सके। लेकिन जालौन में सरकारी पैसे का बंदरबांट होने के कारण गौशाला संरक्षित नहीं रह पा रही हैं, जिसके कारण वहां रहने वाले गोवंशों का हाल बुरा है, इन गौवंश की देखरेख न होने के कारण उनकी मौत हो रही हैं, साथ ही इनके शव को कुत्ते नोचने में लगे है। गौशाला में गायों की मौत की यह तस्वीरें जालौन जनपद के नदीगांव विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गांव गोवर्धनपुरा की है। जहां अव्यवस्थाओं के चलते गोवंशों की मौत हो रही है। यह तस्वीर गोवर्धनपुरा गांव की है, जहां गौशाला में व्यवस्था न होने के कारण भूख प्यास और ठंड के कारण गोवंशों की प्रतिदिन मौत हो रही है, इतना ही नहीं इन गोवंशों की मौत हो जाने के बाद भी इन्हें प्रधान व सचिव द्वारा संज्ञान नहीं लिया जा रहा है, न ही उन्हें दफनाने की कोई व्यवस्था की जा रही है। जिस कारण इन मरे हुए गोवंशों को कुत्ते नोचकर खा रहे हैं। जिसकी तस्वीर लगातार सोशल मीडिया में वायरल की जा रही हैं। जिस कारण खलिहान में सैकड़ों की तादात में गोवंश को रखा जा रहा है, यहां पर न तो गोवंश को ठंड और बारिश से ढकने के लिए त्रिपाल लगाई गई है, न ही किसी प्रकार की कोई व्यवस्था उनके खाने पीने के लिए है। जिस कारण उनकी मौत हो रही है। गांव के लोगों ने गोवंश की मौत पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल किये हैं, और यहां की स्थिति के बारे में बताया है कि यहां पर गोवंश कि लगातार मौत हो रही है, लेकिन गांव के ग्राम प्रधान तथा सचिव द्वारा कोई भी काम नहीं कराया जा रहा है। इन तस्वीरों से यह साफ हो गया है कि सरकार गोवंश के संरक्षण के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत देखी जाए तो यह प्रयास असफल साबित हो रहा है और प्रशासनिक अधिकारी गोवंश के संरक्षण के प्रति जागरुक नहीं है, जिसका नतीजा यह है कि यहां पर लगातार ठंड भूख और प्यास के कारण गौवंश की मौत हो रही है और इन गोवंश के शवों को दफनाने के लिए कोई व्यवस्था न होने के कारण कुत्ते इन गोवंश को खाने में लगे हुए हैं। जब इस मामले में गांव के सचिव से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन उठाने की जहमत तक नही की।बाद में खण्ड विकास अधिकारी नदीगांव गौरव कुमार से उनके आवास पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वहां पर गौशाला के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है, जिस कारण इन गौशालाओं की गायों को एक खलिहान में बंद किया गया है, वहीं इस मामले में नदीगांव विकासखंड के एडीओ पंचायत नरेश द्विवेदी का कहना है कि वह मौके पर खुद गए हैं । यहां पर गौशाला का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाएगा अभी जो गोवंश को रखा गया है उन्हें सिर्फ एक खलिहान में बंद किया गया है, जहां पर उनको संरक्षित करने के लिए व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल यह साफ हो गया है कि सरकार गोवंश के संरक्षण के लिए जो वादे कर रही है वह सिर्फ हवा-हवाई साबित हो रहा है।