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योगी सरकार में अधिकारी हुये बदजुबान व बेलगाम, विद्युत जेई के बिगड़े बोल, देखें यशपाल सिंह की इस खास रिपोर्ट में

 

ग्रामीण एडिटर धीरेन्द्र रायकवार

समथर( झांसी):- यूपी के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने प्रेस कॉन्फेंस के जरिए कहा था कि अब उत्तर प्रदेश के हर जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कहा था कि तहसील में 20 घंटे, गांव को 18 घंटे बिजली मुहैया कराई जाएगी। वहीं पर बिजली विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों के द्वारा आदेश को लगाया जा रहा है पलीता समथर क्षेत्र का मामला है जहां पर 30 मिनट लाइट आती है और यह घंटे के लिए चली जाती
आजकल पड रही उमस भरी गर्मी और ऊपर से लगातार हो रही बिजली की कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बिजली गुल होने के बाद पता नहीं होता है कि बिजली दोवारा कब आएगी। दिन हो या रात बस लोगों को अघोषित बिजली कटौती का ही भय सताता रहता है कि बिजली ना जाने कब गुल हो जाए। बिजली कटौती के कारण लोगों की पूरी दिनचर्या खराब होकर रह जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी लोगों को रात के समय उठानी पडती है। जब गर्मी से बचाव के लिए लोग घरों की छतों पर पहुंचते हैं तो वहां मच्छरों का प्रकोप झेलने को मजबूर होना पडता है।
इतना ही नहीं कि बिजली रात के समय एक बार ही नहीं जाती है बल्कि कई बार तो कई कई घंटों तक गुल हो जाती है। जिसके कारण उसम भरी गर्मी से छोटे बच्चे, महिला और बुजुर्गों को भारी कठनाईयों का सामना करना पडता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती से ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। बिजली विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के लिए बनाए गए शैडयूल के अनुसार भी बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है जिसके कारण आजकल पड रही चिपचिपाती गर्मी और अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया

जे ई पर लगे आरोप

वही ग्रामीणों के द्वारा बताया जा रहा है की समथर जे ई विककी वर्मा के द्वारा दबगयाई के बल पर शाम होते ही ग्रामीण क्षेत्र का एक बिजली का फेस काट दिया जाता है और बिजली को सुचारू रूप से नहीं दी जाती है वही उत्तर प्रदेश के मंत्रियों के द्वारा मंच से वादे तो किए जा रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत पर कुछ भी देखने को नहीं मिलेगा या फिर यूं कहें कि प्रदेश के मंत्रियों के आदेशों का असर बिजली विभाग के लापरवाह अधिकारियों के ऊपर काम नहीं कर रहा है और बिजली विभाग के अधिकारीयो की मनमर्जी की शिकार आम जनता हो रही है और दिन हो या रात बस लोगों को अघोषित बिजली कटौती का ही भय सताता रहता है कि बिजली ना जाने कब गुल हो जाए जिसके कारण उमस भरी गर्मी से छोटे बच्चे महिलाओं और बुजुर्गों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है अघोषित कटौती से ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष व्याप्त है

चर्चा का विषय बना

क्या समथर के नशे बाज कर्मचारियो की शिकार होती रहेगी आम जनता और होती रहेगी अधिकारियों की मनमर्जी से अघोषित बिजली कटौती कि शिकार
क्या इसी प्रकार कर्मचारियों और अधिकारियों की मनमर्जी की शिकार होती रहेगी जनता या फिर योगी जी के अनुसार दिया गया आदेश के अनुसार बिजली सुचारू रूप से दी जाएगी अब देखना होगा कि जिला के विद्युत विभाग के अधिकारियों के द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है या फिर इसी प्रकार गर्मी का सामना करते रहेंगे समथर वासी।

रिपोर्ट
यशपाल सिंह

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