घरेलू कलह या साजिश? बरोदा की पूजा की मौत ने खड़े किए कई सवाल संवाददाता: दयाशंकर साहू
पूँछ (झांसी) ~ थाना पूंछ क्षेत्र के ग्राम बरोदा में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पहली नजर में मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन मायके पक्ष के गंभीर आरोपों ने इसे अब एक रहस्यमयी और संवेदनशील केस बना दिया है। घटना 26 अप्रैल 2026 की तड़के करीब 3:30 बजे की है, जब पूजा राजपूत (32 वर्ष), पत्नी लक्ष्मीकांत राजपूत, अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटकी मिलीं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी वेद प्रकाश पाण्डेय मय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि पूजा की शादी जून 2018 में हुई थी और वह पिछले कुछ समय से घरेलू विवादों के कारण मानसिक तनाव में थी। इसी आधार पर शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या माना जा रहा था। लेकिन मामला उस वक्त नया मोड़ ले गया, जब मृतका के पिता और भाई ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पूजा के साथ लगातार मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। परिजनों ने साफ आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है, जिसे फांसी का रूप देने की कोशिश की गई है। इतना ही नहीं, मायके पक्ष ने एक अहम बात भी उठाई—उनके अनुसार पूजा एक पैर से विकलांग थी, ऐसे में उसका खुद फांसी लगाना संदिग्ध प्रतीत होता है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और माहौल बेहद गमगीन बना हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू पर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान इस केस की असली तस्वीर सामने लाने में अहम भूमिका निभाएंगे। अब सवाल यह है—क्या यह वाकई घरेलू कलह से तंग आकर उठाया गया कदम है, या फिर इसके पीछे छिपी है कोई बड़ी साजिश? सच्चाई क्या है, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।