कालपी में मिले हरियाणा से भागे सास-दामाद के शव, दो परिवार हुए तबाह
कालपी (जालौन):
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लुहरगांव के पास रविवार को खेतों में मिले महिला और पुरुष के शवों ने एक ऐसी कहानी उजागर की, जिसने रिश्तों की मर्यादा, विश्वास और सामाजिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना केवल एक प्रेम प्रसंग का दुखद अंत नहीं, बल्कि दो परिवारों के बिखरने की दर्दनाक दास्तान बन गई है।
घटना का विवरण
रविवार शाम लुहरगांव के पास नाले के किनारे खेतों में एक महिला और पुरुष के शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिले। मौके पर पहुंची पुलिस को एक बाइक, सल्फास की डिब्बी, मोबाइल फोन और कुछ खाद्य सामग्री बरामद हुई।
पुलिस जांच के बाद मृतकों की पहचान प्रमोद (40 वर्ष), पुत्र सुक्खा साहू और पूनम उर्फ छोटी, पत्नी हरिशंकर (निवासी बबीना, थाना कदौरा) के रूप में हुई।
हरियाणा से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, मृतका पूनम अपने पति और बच्चों के साथ हरियाणा के मानेसर में रहती थी, जबकि प्रमोद दिल्ली में ओला बाइक राइडर का काम करता था। इसी दौरान दोनों के बीच संबंध विकसित हो गए।
बताया जा रहा है कि 27 मार्च को पूनम अचानक मानेसर से लापता हो गई थी, जिसकी गुमशुदगी उसके पति ने दर्ज कराई थी। जांच में उसकी लोकेशन 28 मार्च को फिरोजाबाद में मिली थी।
पुराना पारिवारिक विवाद
प्रमोद के परिजनों के अनुसार, करीब चार वर्ष पहले उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी। इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से आहत होकर दिल्ली में काम करने लगा था।
इसी दौरान उसका अपनी चचेरी सास पूनम से संपर्क बढ़ा और दोनों के बीच संबंध बन गए।
प्रेम प्रसंग का दुखद अंत
बताया जा रहा है कि सामाजिक दबाव और पारिवारिक विरोध के चलते दोनों 27 मार्च को बाइक से भाग निकले थे। लेकिन उनकी यह कहानी गांव में उजागर होने से पहले ही दुखद अंत तक पहुंच गई।
फिलहाल पुलिस ने मृतक के भतीजे शिवम की सूचना पर इत्तफाकिया दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आगे की कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।
छह बच्चों का भविष्य अधर में
इस घटना ने सबसे ज्यादा असर बच्चों पर डाला है।
प्रमोद के तीन बच्चे अब पूरी तरह अनाथ हो गए हैं।
पूनम के तीन बच्चों की जिम्मेदारी अब उनके पिता पर आ गई है।
बुजुर्ग मां पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतका के ससुराल में बुजुर्ग सास मखनिया साहू अकेली रह गई हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर इस घटना ने और भी संकट खड़ा कर दिया है।
निष्कर्ष
यह घटना सिर्फ एक अवैध संबंध का मामला नहीं, बल्कि यह बताती है कि रिश्तों में विश्वास टूटने का असर कितनी दूर तक जाता है। इसकी सबसे बड़ी कीमत मासूम बच्चों और बुजुर्गों को चुकानी पड़ती है।
रविकांत द्विवेदी RK रिपोर्टर, जालौन…🖊️📹
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