** गेहूं क्रय केंद्र पर किसानों के उत्पीड़न पर होगी केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई:- जिलाधिकारी
** एसडीएम सहित 18 जिला स्तरीय अधिकारियों को बनाया नोडल, 31 बिंदुओं की दी चैकलिस्ट
** सभी करेंगे गेहूं क्रय केंद्रों का सत्यापन, चेक लिस्ट के अनुसार जांचेंगे दी जा रही सुविधाएं
** जनपद में 66 गेहूं क्रय केंद्र संचालित, अब तक 195 किसानों से क्रय किया गया 15000 कुन्टल गेहूं
** जनपद में सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में बोरे उपलब्ध, कृषको को किसी भी प्रकार की नहीं होगी समस्या:- जिला खाद्य विपणन अधिकारी
जनपद में 30 मार्च 2026 से शुरू हुई सरकारी गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारी श्री मृदुल चौधरी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गेहूॅ क्रय केंद्र पर किसानों के उत्पीड़न पर केंद्र प्रभारी होंगे सीधे जिम्मेदार, होगी कार्यवाही।
जिलाधिकारी ने मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत जनपद में खोले गए 66 गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए एसडीएम सहित नोडल अधिकारियों की तैनाती कर यह सुनिश्चित किया गया कि इस कवायद से किसानों को फसल का बाजिब दाम मिल सके। उन्होंने केंद्र के आसपास बिचौलियों पर भी सतत नजर रखे जाने के निर्देश देते हुए निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का निस्तारण कराते हुए निरीक्षण नियमित रूप से करना सुनिश्चित करें।
जनपद के समस्त गेहूँ क्रय केंद्रों पर एसडीएम सहित 18 जिलास्तर के अधिकारियों को केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं की 31 बिंदुओं वाली चैकलिस्ट के अनुसार क्रय केंद्रों की निगरानी व निरीक्षण शुरू कर दिया है, ताकि किसानों को MSP (₹2,585/क्विंटल) मिल सके। गेहूं क्रय केंद्रों पर एसडीएम सहित तैनात अन्य अधिकारी स्वयं केंद्र का निरीक्षण करें ताकि व्यवस्था दुरुस्त रहे। इसके अतिरिक्त केंद्रों पर फ्लैक्स, तौल कांटे, पानी, और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
जिलाधिकारी श्री मृदुल चौधरी ने समस्त तैनात किए गए अधिकारियों को निर्देशित किया के खरीद के बाद 48 से 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान सुनिश्चित किया जाए। किसान अपनी उपज बिचौलियों को औने-पौने दामों में न बेचें, इसके लिए जिलाधिकारी ने सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर ही बिक्री को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी श्री संतोष कुमार पटेल ने बताया कि जनपद में 30 मार्च से गेहूं की खरीद प्रक्रिया आरंभ हो गई है। इसके लिए जिले में 66 क्रय केंद्र खोले गए हैं। हालांकि, शासन से अभी तक जनपद के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 195 किसानों से 15000 कुंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खरीद को बढ़ाने के लिए लगातार किसानों को केंद्र पर अपनी फसल विक्रय के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जिला विपणन अधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में गेहूं खरीद के लिए 621 गांठ बोरे उपलब्ध हैं। पिछले वर्षों में भी यहां बोरों की कमी नहीं रही है और इस बार भी स्थिति समान है। सभी बोरे क्रय केंद्रों पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि, वर्तमान में जनपद में गेहूं की कटाई अभी की जा रही है, इसलिए खरीद प्रक्रिया मैं धीरे धीरे तेजी आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित रणनीति के अनुसार इस वर्ष की खरीद प्रक्रिया को लेकर किसानों में उत्साह है। किसान अपनी फसल को उचित मूल्य पर बेचने की उम्मीद कर रहे हैं। गेहूं की खरीद के लिए प्रशासन किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दे रहा है।