संग्रहालय हमारे अतीत के दर्पण: मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष*
*प्रदर्शनी द्वारा आमजन को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना सराहनीय कदम*
*जनपदवासियों के दर्शनार्थ 30 जून तक निःशुल्क रहेगी छायाचित्र प्रदर्शनी*
*अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर राजकीय संग्रहालय में लगायी गई छायाचित्र प्रदर्शनी*
*प्रदर्शनी में स्वदेशी सहित विश्व प्रसिद्व संग्रहालय पर केन्द्रित कलाकृतियां रहीं समाहित*
—————–
झाँसी: आज “अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस” के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पवन कुमार गौतम के मुख्य आतिथ्य में राजकीय संग्रहालय झॉसी द्वारा विश्व के प्रसिद्ध संग्रहालयों पर आधारित “छायाचित्र प्रदर्शनी” का आयोजन संग्रहालय परिसर में किया गया। छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सहित उपस्थित अन्य महानुभावों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया।
कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्य अतिथि श्री पवन कुमार गौतम ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज के इस कार्यक्रम में आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी में भारतवर्ष के साथ-साथ विश्व के प्रमुख संग्रहालयों की जानकारी भी एक साथ उपलब्ध कराना निश्चित रूप से एक सराहनीय कार्य है, उन्होंने यह भी कहा कि संग्रहालय हमारे अतीत के दर्पण हैं, जो हजारों साल पुरानी हमारी समृद्ध एवं गौरवशाली विरासत से हमें जागरुक कराते हैं। मौके पर उन्होंने उपस्थित आम नागरिकों एवं विद्यालयों के बच्चों से अपील करते हुये कहा कि यह छायाचित्र प्रदर्शनी दिनांक 15 मई से 30 जून 2026 तक जनपद वासियों के लिए राजकीय संग्रहालय में निःशुल्क प्रवेश एवं अवलोकन हेतु उपलब्ध रहेगी। यह सरकार का एक सराहनीय कदम है, जो सीधे तौर पर आमजन को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है।
छायाचित्र प्रदर्शनी के सम्बन्ध में उप निदेशक राजकीय संग्रहालय डॉ0 मनोज कुमार गौतम ने बताया कि यह प्रदर्शनी विश्व के प्रसिद्ध संग्रहालयों पर केन्द्रित लगायी गई है, जिसमें राजकीय संग्रहालय मथुरा, राज्य संग्रहालय लखनऊ, भारत कला भवन, काशी हिन्दु विश्वविद्यालय वाराणासी, इलाहाबाद संग्रहालय, राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली, रेल म्यूजियम दिल्ली, सलारजंग संग्रहालय हैदराबाद, भारतीय संग्रहालय कोलकाता, विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता, एलबर्ट हॉल जयपुर तथा इसके साथ ही विश्व के संग्रहालयों में नेशनल म्यूजियम लीडेन, ज्वीस म्यूजियम न्यूयॉर्क, अमेरिकन इण्डियन म्यूजियम न्यूयॉर्क, ब्रिटिश म्यूजियम लन्दन, अगोरा म्यूजियम एथेन्स, स्टेट हिस्टोरिकल म्यूजियम मॉस्को, रेलवे म्यूजियम इजिप्ट आदि सहित विश्व के अनेक संग्रहालयों एवं उनमें संग्रहित प्रमुख कलाकृतियों को समाहित हैं।
छायाचित्र प्रदर्शनी के बारे में उप निदेशक ने यह भी बताया कि मानव सभ्यता का इतिहास इस सत्य को उजागर करता है कि मनुष्य ने अपने अतीत को सुरक्षित रखने का प्रयास किया, क्योंकि विधाता की सृष्टि में मनुष्य उसकी सर्वश्रेष्ठ रचना है। इतिहास केवल घटनाओं का संकलन मात्र नहीं है। इतिहास हमें शिक्षा भी देता है और प्रेरणा भी। इतिहास अमूर्त होता है और संग्रहालय उसी इतिहास को मूर्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में सहायक सूचना निदेशक सुरजीत सिंह, वरिष्ठ पत्रकार मोहन नेपाली, अशोक अग्रवाल काका, दिनेश श्रीवास्तव, राजेन्द्र सेन, अजैना अली, अनिल कुशवाहा, डा अभिलाषा जैन, श्रद्धा निरंजन, राजेन्द्र प्रसाद, अशोक करौसिया, रघुवीर पुजारी, चन्द्रभान, सरिता कैथवास, माला कुरील, जितेन्द्र सेन, रेखा कुशवाहा एवं ताराचन्द आदि प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
—————–