महोबा यार्ड में आधुनिक MSDAC एक्सल काउंटर प्रणाली स्थापित, सिग्नलिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण वृद्धि
मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन में झांसी मंडल के महोबा रेलवे स्टेशन के यार्ड में सिग्नल प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने हेतु एक महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
महोबा (MBA) यार्ड में “Reliability Improvement by providing GGTRONICS make MSDAC Axle Counter” के अंतर्गत 01 संख्या रस्टि रेल ट्रैक सर्किट को आधुनिक MSDAC एक्सल काउंटर प्रणाली से प्रतिस्थापित कर आज सफलतापूर्वक कमीशन किया गया।
इस नवीन प्रणाली के स्थापित होने से ट्रैक ऑक्यूपेंसी की सटीकता एवं सिग्नलिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा। स्थापित प्रणाली में GGTRONICS मेक MSDAC के साथ मैनुअल कंडीशनल रीसेटिंग की सुविधा भी प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त साइट पर आवश्यक उपकरणों की समुचित व्यवस्था की गई है तथा ASM कक्ष में मैनुअल रीसेट बॉक्स की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसी भी तकनीकी स्थिति में ट्रैक को शीघ्र रीसेट किया जा सके।
कार्य पूर्ण होने के उपरांत ऑपरेटिंग एवं सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) स्टाफ को OEM द्वारा आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे वे इस नई प्रणाली का प्रभावी ढंग से संचालन एवं अनुरक्षण कर सकें।
इस महत्वपूर्ण कार्य को वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता/समन्वय (Sr. DSTE/Co) श्री नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता/ब्रांच लाइन (Sr. DSTE/BL) सुश्री रश्मि गौतम एवं सहायक सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर/महोबा श्री अमरेश कुमार के कुशल निर्देशन में संपन्न किया गया।
झांसी मंडल द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के तकनीकी उन्नयन कार्य भविष्य में भी रेलवे सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं यात्री-अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होंगे
उत्तर मध्य रेलवे, झाँसी मंडल के बीना से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी तीसरी लाइन परियोजना के अंतर्गत धौरा-जाखलौन रेलखंड पर विद्युतीकरण के अंतर्गत लगभग 14.75 किलोमीटर खंड में 25 केवी एसी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस खंड में विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण आज दिनांक 29.03.26 को उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर श्री जे सी एस बोरा द्वारा किया गया।
निरीक्षण के दौरान परख निरीक्षण यान से बिजली कर्षण प्रणाली से जुड़े विभिन्न इंस्टॉलेशन, समपार फाटक (गेट्स), स्विचिंग पॉइंट्स, खंभे, ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) वायरिंग, अर्थिंग , SP और अन्य सभी आवश्यक उपकरणों की बारीकी से परख की गई। इस प्रक्रिया में सभी उपकरणों की कार्यकुशलता की जांच करते हुए, उन्हें आवश्यकतानुसार संचालित कर उनकी प्रभावशीलता का आकलन किया गया।
जिससे रेल परिचालन की विश्वसनीयता और संरक्षा की पुष्टि की जा सके।
धौरा-जाखलौन खंड में तीसरी लाइन के इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन की शुरुआत से न केवल रेलगाड़ियों की गति में वृद्धि होगी, बल्कि परिचालन लागत में भी कमी आएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएँ मिल सकेंगी। खंड का विद्युतीकरण कार्य के पूरा होने से धौरा-जाखलौन तीसरी लाइन परियोजना को नई गति मिलेगी।
उत्तर मध्य रेलवे, झाँसी मंडल निरंतर आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयासरत है और यह निरीक्षण उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस कार्य के पूरा होने से बीना से धौलपुर खंड पर तीसरी लाइन का कार्य पूर्ण हो जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, मुख्य बिजली इंजिनीयर (निर्माण) श्री कृष्णा मोहन सिंह, उप मुख्य बिजली इंजिनीयर (निर्माण) श्री निर्दोष कुमार मिश्रा, वरिष्ठ मंडल बिजली इंजिनीयर (कर्षण-वितरण) श्री सतबीर सिंह, वरिष्ठ मंडल बिजली इंजिनीयर (सामान्य) श्री अशोक प्रिय गौतम, सहित निर्माण विभाग एवं मंडल के अधिकारी , निरीक्षक, पर्यवेक्षक उपस्थित रहे I