बुन्देलखण्ड बदलेगा तो उत्तर प्रदेश बदलेगा-राम नाईक:विश्वविद्यालय के शिक्षकों को 7 वां वेतनमान लागू-दिनेश शर्मा,लड़कियां 4 प्रतिशत आगे
-विश्वविद्यालय के शिक्षकों को 7 वां वेतनमान लागू – दिनेश शर्मा
– लड़कों के अपेक्षा लड़कियां 4 प्रतिशत आगे
– डिफेंस कारीडोर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा
झांसी । शिक्षा क्षेत्र में लड़कियां आगे बढ रही है, यह समाज के लिए शुभ संकेत है, यह नारी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कदम भी है। उत्तर प्रदेश में लड़कों के अपेक्षा लड़कियां 4 प्रतिशत आगे आयी हैं यह एक सुखद अनुभूति है। केन्द्र सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के लिए काम कर रही है। कानून व्यवस्था की स्थिति सुधरी और बिजली की उपलब्धता बढ़ी है जिससे प्रदेश में निवेश बढ़ा है। इससे रोजगार के अवसर बढेगे। बुन्देलखण्ड के विकास पर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री विशेष नजर रखे है। डिफेंस कारीडोर बुन्देलखण्ड के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। बुन्देलखण्ड बदलेगा तो उत्तर प्रदेश बदलेगा, जब उत्तर पदेश बदलेगा तो देश बदलेगा । प्रदेश में संगठित अपराध में कमी आने से ही यहां निवेश बड़ा है। एक सुखद माहौल तैयार हो रहा है जो विकास का सृजन करेगा।
यह बात बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के 23 वें दीक्षान्त समारोह के अध्यक्ष कुलाधिपति श्रीयुत राम नाईक ने कार्यक्रम में ब्यक्त की। उन्होने कहा कि आप शार्टकट से जीवन में आगे नही बढ़ सकते, इसका ख्याल रखा जाना आवश्यक है। उन्होने उपाधिधारी छात्र-छात्राओं से कहा कि जो प्रतिज्ञा ली है उसे जीवन में ख्याल रखना चाहिए। कुलाधिपति श्रीयुत राम नाईक जी ने नकल विहीन परीक्षा व समय से परिणाम घोषित करने पर बधाई दी। उच्च शिक्षा में लड़कियां आगे बढ़ रही है यह अच्छी बात हैं उन्होने उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस वर्ष 55273 उपाधि दी गयी, जिसमें छात्र 23343 रहे, जिनका परिणाम 42 प्रतिशत और लड़कियां 31930 जिनका परिणाम 58 प्रतिशत है। इससे यह तय है कि लड़कियां अधिक आगे आ रही है। जो बुन्देलखण्ड के लिए सुखद है। उन्होने कहा कि आज 37 छात्र-छात्राओं को पदक वितरित कियें इसमें भी लड़कियां आगे है। 10 पदक लड़कों को जबकि 27 पदक लड़कियों को दिए गये। उन्होने सभी लड़कियों का अभिनन्दन किया। कुलाधिपति ने इस मौके पर सम्पूर्ण प्रदेश की जानकारी दी और बताया कि जो हाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय का है वही अन्य विश्वविद्यालयों का भी है, सभी में लड़कियां आगे है। उन्होने सभी उपाधिधारी छात्र-छात्राओं से कहा कि नई यात्रा प्रारम्भ हो रही है। आपके नये पंखों में ताकत है उड़ने की, जो बदलाव हुआ है इसमें स्पर्धा है तो मेहनत करना होगा, पारदर्शिता व मेहनत से आगे आना चाहिए। 23 वें दीक्षान्त समारोह के विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री उ0प्र0 प्रो0 दिनेश शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि नकल विहीन परीक्षा व समय से परीक्षा परिणाम घोषित कर नये सत्र के प्रारम्भ करने पर बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति को बधाई। आपके द्वारा किये गये कार्य को अन्य विश्वविद्यालयों को भी करने के निर्देश दिए। उन्होने विश्वविद्यालय के शिक्षकों को 7 वां वेतनमान लागू करते हुए 921 करोड़ की धनराशि दिए जाने की जानकारी दी। उन्होने बताया कि विभिन्न विश्वविद्यालयों में रिक्तियों को भरने का भी कार्य किया जा रहा है। अब तक 80 प्रतिशत रिक्तियों को भरा जा चुका है। विश्वविद्यालय के अध्यापकों को अब वी.आर.एस. का लाभ प्राप्त होगा। इसके साथ ही 904 अध्यापकों को नियमित किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने उपाधिधारी छात्र-छात्राओं से कहा कि शिक्षा का उददेश्य चरित्र का निर्माण करना और सिन्द्वात का सृजन करना है। हमारे जीवन को विस्तार देने वाला हमारा गुरु है। उन्होने विश्वविद्यालय को श्रेष्ठतम बनाने के लिए कुलपति के कार्यो की प्रशंसा की। साथ ही जिस प्रकार बुन्देलखण्ड में आनलाइन व्यवस्था संचालित है। ठीक उसी तरह अन्य विश्वविद्यालयों में भी संचालित करायी जाएगी, ताकि घर बैठे ट्रान्सफर आर्डर मिल सके। सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इसके पूर्व मा0 कुलाधिपति एवं मा0 उप मुख्यमंत्री ने कम्प्यूटर सेन्टर की बिल्डिंग का लोकापर्ण किया और होटल मैनेजमेन्ट बिल्डिंग, फिजियोथैरपी भवन के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर आवासीय परिसर के मुख्य द्वार का शिलान्यास किया। अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. सुरेन्द्र दुबे ने बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति से अवगत कराया। उन्होने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र की 100 विभूतियों का सम्मान किया गया। राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। साथ ही जीवन कौशल कार्यशला का आयोजन की जानकारी दी। उन्होने बताया कि भारत सरकार के डी.एस.टी. ने बुन्देलखण्ड के लिए करोड़ों रुपये बहुउददेश्यीय परियोजनाये स्वीकृत की है और इसके लिए हमारे विश्वविद्यालय को नोडल केन्द्र बनाया है। उन्होने कहा कि बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का एक मात्र आई.एस.ओ. प्रमाणित विश्वविद्यालय है। ई-गर्वनेंस की दिशा में हमारा विश्वविद्यालय अग्रणी है। इस अवसर पर राज्य सभा सांसद, मेयर नगर निगम , समस्त विधायकगण, विधानसभा परिषद सदस्य, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित समस्त प्रशासनिक अधिकारी के साथ प्रोफेसरगण भी मौजूद रहे।