भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत केंद्रीय सरकारी स्कूलों के अंतर्गत आने वाली एक प्रणाली केन्द्रीय विद्यालय के रूप में संचालित है। पूरे भारत की अगर हम बात करें तो भारत में 1254 और उत्तर प्रदेश में
118 केंद्रीय विद्यालय (केवी) चलाए जा रहे है। इन विद्यालयों की खासियत ये है कि इसमें शिक्षा प्राप्त कर निकले छात्रों पूरी दुनिया और अपने देश में अलग अलग संस्थानों उच्च पदों पर रहते हुए देश और केंद्रीय विद्यालयों का नाम रौशनकर रहे है। इस के चलते झांसी के केंद्रीय विद्यालय नंबर 1 से 20 साल पहले पढ़ कर निकले छात्रों के द्वारा पुनर्मिला छात्र समारोह का आयोजन किया। इस आयोजन में पूरे देश और विदेश में सेवाएं दे रहे लगभग 40 छात्रों ने शिरकत की। दुबई के पांच सितारा होटल में बतौर कई वर्षों से मैनेजर के पद पर कार्यभार रहे संदीप भी समय निकलकर समारोह में पहुंचे। संदीप ने बताया कि हमलोग आज जिस मुकाम पर है उसका श्रेय हमारे गुरुजनों को जाता है। हमने यहां जो शिक्षा प्राप्त उससे हमारे भविष्य को उज्ज्वल बनाने में काफी मदद मिली। इसी वजह से हम सभी एक दूसरे से संपर्क किया। और इस कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुजनों के साथ मिलकर शिक्षा प्राप्त करने के समय को याद करने के उद्देश्य से योजना बनाई। लेफ्टीनेंट कमांडेंट राघव शर्मा जो इस समय फरीदाबाद आर्मी में तैनात है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के आयोजन हम उस समय के ऐसे साथियों से मिले जिनसे हमारा संपर्क टूट चुका था। आज हम जिनकी शिक्षा से कामयाब हुए है। उस समय को वापस याद करने के लिए इस कार्यक्रम को किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य उन टीचरों को के प्रति सम्मान का भाव रखना और नई पीढ़ी को मोटिवेट करना जिससे वह इस बदलते दौर में गुरुजनों के सम्मान के प्रति जागरूक रहे। 2005 में शिक्षा रही शिखा सक्सेना ने बताया कि हमारे भारत की पुरानी गुरु और शिष्य की परंपरा को इन छात्रों ने आगे बढ़ाया है। जिन छोटे छोटे छात्रों को कभी उन्होंने पढ़ाया था। आज उन कामयाब छात्रों से मिलकर बहुत खुशी हुई।कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय विद्यालय के मौजूदा प्रिंसिपल रमेश बाबू अग्रवाल ने बताया कि बहुत गौरव की बात है कि जो छात्र जिस स्कूल से पढ़कर निकला है वो दुबारा वापस आए। आज से समय में ऐसे छात्रों के दुबारा आकर उस समय को याद करना बताता है कि इन की केंद्रीय विद्यालय से कितना जुड़ाव है। उनका मानना है उस समय उन बच्चों के जो शिक्षक रहे उनकी शिक्षा का असर है कि आज इन बच्चों ने 20 साल बाद हमारे विद्यालय और उन पुराने शिक्षकों के साथ हमे भी सम्मान दिया। उनका इस जमाने के छात्रों से कहने है कि अपनी जड़ों से जुड़े रहें। जिन शिक्षकों ने उन्हें शिक्षा दी है उनका सम्मान करें। कार्यक्रम में पहुंचे इन छात्रों के सीनियर विजय कछवारे ने बताया कि में भी इसी विद्यालय का छात्र रहा हूं। इन छात्रों के द्वारा उनको बुलाए जाने पर उनको बेहद खुशी की अनुभूति हुई है। इनसे मिलकर हमारी आँखें नाम हो गई। जिस मैदान में हम कभी लड़ाई झगड़े और पढ़ाई के बीच रहते थे आज वो पुराने दिन इन छात्रों ने याद दिला दिए। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष इस कार्यक्रम को और भी भव्य बनाया जाएगा। जिसमें और पुराने गुरुजनों के साथ हमारे सीनियर को शामिल कर उनका सम्मान किया जाएगा। और इन छात्रों के द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को जीवित रखा जाएगा।
20 साल बाद केंद्रीय विद्यालय के देश-विदेश के छात्र एकत्रित हुए निकल लिए