*सामी के सचिव पर गौशाला के चौकीदार ने लगाया पैसा न देने का आरोप*
रिपोर्ट – रविकांत द्विवेदी
कोंच विकास खंड के ग्राम गोरा करनपुर का मजदूरों के पैसा का सचिव द्वारा भुगतान न करने का मामला शांत भी न हो पाया था कि एक ऐसा ही मामला सचिव द्वारा पैसा न देने का ओर सामने आया है। सामी के गौशाला के चौकीदार ने ग्राम पंचायत सचिव वसीम के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा गौशाला में काम करने के बाद भी काफी समय बीत जाने के बाद उसे पैसा नहीं दिया गया है। पीड़ित ने इस प्रकरण में ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा दी है। कोंच विकास खंड के ग्राम सामी के गौशाला के चौकीदार वेदप्रकाश ने ग्राम पंचायत सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने 6 माह बड़ी मेहनत व निष्ठा के साथ गौशाला में काम किया। जिसका ग्राम पंचायत सचिव ने अच्छा ईनाम दिया कि आज एक साल से अधिक समय हो गया उसे पैसा तो दिए नहीं और काम से भी निकाल दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने अपने पैसा पाने के लिए सचिव साहव की खूब परिक्रमा लगाई लेकिन यह बराबर बहाना बनाते रहे। पीड़ित ने बताया कि उसने अपना यह मामला जब बीडीओ कोंच शुभम बरनवाल को बताया तो उन्होंने सचिव वसीम से मेरे पैसा तत्काल देने की बात कही थी लेकिन फिर भी इनके द्वारा पैसा नहीं दिया गया। पीड़ित ने बताया कि जो अपने साहव का भी कहना नहीं मान रहा तो वह हमारा कहना क्या मानेगा। इसके बाबजूद भी मैंने काफी इंतज़ार किया कि शायद सचिव वसीम को दया आ जाये लेकिन फिर भी पैसे न मिलने के कारण आखिरकार उसे ऑनलाइन शिकायत करनी पड़ी। वहीं पीड़ित के साथ मौजूद ग्राम के कई ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सामी में कई योजनाओं का लाभ सचिव द्वारा अपात्रों को दिया गया है और इनका व्यवहार भी ग्रामीणों के प्रति ठीक नहीं है। सामी गांव में इनके समय के विकास कार्य भी देख लिए जाएं तो बड़ा गड़बड़झाला निकलकर आएगा सामने। गांव में भी यह यदाकदा आते है और कोंच में ही बैठकर काम करते है। जिससे सरकार की कई लाभकारी योजनाओं की जानकारी उन्हें नहीं मिल पाती, अपने खास लोगों को सचिव योजनाओं का लाभ देते है हालांकि ग्रामीणों ने सामी के नए ग्राम प्रधान की खूब प्रशंसा की और कहा कि वह गांव की हर गतिविधि पर ज्यादा ध्यान देते है और उनसे विकास की काफी उम्मीद उन्हें है। फिलहाल अब गौशाला के चौकीदार की शिकायत के बाद देखना है कि आखिर गरीब को मिल पायेगा पैसा या सचिव पड़ेंगे बेचारे गरीब पर भारी।