जालौन पुलिस के हत्थे चढ़े फर्जी जमानतगीर, न्यायालय को गुमराह करने की साजिश नाकाम
जालौन। जनपद के थाना नदीगांव क्षेत्र में न्यायालय को गुमराह करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर आरोपी को बचाने की कोशिश करने वाले जमानतदार समेत कई लोगों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामला माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) जालौन, उरई की अदालत में विचाराधीन आपराधिक वाद संख्या 92/2023 से जुड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मुकदमे में आरोपी राजीव कुमार पुत्र रामप्रसाद राय निवासी वैशाली (बिहार) के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। वारंट की तामील के लिए थाना नदीगांव के उपनिरीक्षक हीरालाल राजपूत जब आरोपी के घर पहुंचे, तो जांच में सामने आया कि आरोपी जीवित है और पिछले छह महीनों से घर नहीं आया है। इस संबंध में परिजनों ने लिखित बयान भी दिया, जिसकी रिपोर्ट 12 मार्च 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
इसके बावजूद आरोपी के जमानतदार राज पचौरी निवासी ग्राम बंगरा, थाना माधौगढ़ द्वारा न्यायालय में आरोपी का मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया। जांच में यह प्रमाण पत्र फर्जी और कूटरचित पाया गया। आरोप है कि जमानतदार ने अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश के तहत यह दस्तावेज दाखिल किया, ताकि मुकदमे को समाप्त कराया जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत करने के आदेश दिए। आदेश के अनुपालन में थाना नदीगांव में संबंधित धाराओं में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रार्थी उपनिरीक्षक हीरालाल राजपूत ने आवश्यक साक्ष्यों के साथ प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। वहीं पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है, जिसमें पहले से दर्ज मामलों को खंगाला जा रहा है।
रविकांत द्विवेदी RK रिपोर्टर जालौन…🖊️📹
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