*जनप्रतिनिधियों की मेहरबानी के चलते आज तक नही बन पाया रोडवेज बस स्टैंड*
रिपोर्ट–ग्रामीण एडिटर, कृष्ण कुमार
मोबाइल–7607175038
गरौठा झांसी….. गरौठा कस्बा के विकास को लेकर सरकार व जनप्रतिनिधि भले ही खूब दावे करे लेकिन आज भी नगर में मूलभूत सुविधाएं पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रही हैं। कस्वा की सबसे बड़ी पीड़ा है रोडवेज बस स्टैंड,एवं पानी की कमी जिससे कस्बा तथा ग्रामीण अंचल से आने वाले लोगों को भी काफी परेशान होना पड़ता है। ऐसे ही जनप्रतिनिधियों,तथा कथित छुटमुट नेताओं की वजह से तहसील क्षेत्र विकास से कोसों दूर है। चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि एवं बड़े बड़े नेता क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करने आते हैं लेकिन जनता की समस्याओं को सुनने एवं निस्तारण करने का समय नहीं होता है। दावे करते हैं कि जनता को कोई भी परेशानी नहीं होगी हर कार्य पूर्ण करेंगे।विकास की बात तो दूर आजतक प्रस्तावित रोडवेज बस स्टैंड तक नही बन पाया जबकि दिसंबर 2019 में माननीय मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रियंका निरंजन एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा रोडवेज बस स्टैंड के लिए मुयायना कर जमीन भी चिन्हित की गई थी। बस स्टैंड ना होने के कारण रोडवेज की बसें कस्बा के चौराहों पर खड़ी होती हैं बस स्टैंड न होने से लोगो को बसों की आने जाने की जानकारी नही हो पाती हैं। इस समस्या का न तो विभाग की तरफ से कोई ध्यान दिया जा रहा न ही जनप्रतिनिधियों की ओर से कहने को तो सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्ष सब वादे करते हैं लेकिन कस्बा के विकास एवं आवागमन के संसाधन बढ़वाने में उनके द्वारा रुचि न लिये जाने के चलते कस्बा गरौठा विकास की धारा से कोसों दूर रह गया आज तक विकास की वाट जोह रहा हैं।