
हमेशा सुर्खियों में रहता है हॉस्पिटल, आए दिन होती है घटनाये
छुट्भईया नेता का रहता है अहम रोल
झाँसी के आरटीओ कार्यालय के नजदीक बना एक नर्सिंग होम फिर चर्चाओ में आ गया l बीते सोमवार को छतरपुर जिला के चौराहा गांव निवासी राकेश अहिरवार जो मजदूरी का कार्य करता है अपने परिवार जनों के साथ उनकी 6 वर्षीय बेटी संजू अहिरवार को इस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था.संजू को पीलिया हुआ था l
जिसके बाद से अस्पताल लगातार परिवार पर पैसों का दबाव बना रहा था l संजू के परिजनो ने अपने जेबर बेच दिए, रिश्तेदारों से उधार रूपये मांगकर किसी तरह के 140000 का इन्तजाम किया.
लेकिन परिवार का आरोप है कि इसके बाबजूद भी अस्पताल कर्मचारी बकाया बिल के एवज में लगातार रुपय जमा कराने का दवाब डाल रहे थे। परिवार एक और पैसों का इंतजाम कर ही रहा था कि अस्पताल कर्मचारियों ने जानकारी दी कि संजू अब इस दुनिया में नहीं रही.इसके बाद क्या था परिवार का रो रो कर बुरा हाल हो गया जब परिवार ने अस्पताल कर्मचारियों से नाराजगी जताई कि यदि हमारा बेटी ठीक नहीं थी तो आपने इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी तो अस्पताल कर्मचारी हाथापाई पर उतारू हो गए यहां तक की अस्पताल की रिसेप्शन ने तो मृतक बच्चे के भाई को थप्पड़ भी जड़ दिया l
इसके बाद अस्पताल में काफी हंगामा हुआ हंगामा बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिवार को समझा-बुझाकर शव ले जाने को कहा। इस बीच महानगर का एक छुटपुटिया नेता जो पुलिस अधिकारियो के साथ फोटो लेकर सोशल मीडिया पर वायरल करता है
इतना ही नहीं वो स्वयं को रावतपुरा सरकार का भांजा भी बताता है वह लगातार मृतका के परिवार पर पुलिस को किसी प्रकार की तहरीर ना देने का दबाव बनाता रहा । डराता धमकाता रहा जिसमें वह अंत में कामयाब भी हो गया l लेकिन बाद में मेडिकल चौकी पर तहरीर दी गयी l
वही परिवार पुलिस की कार्यवाही से डरकर सबको लेकर अपने घर चला गया।